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मिक्सर निर्माण उद्योग Mixture Manufacturing Business



आधुनिकीकरण के इस दौर में घर, होटल,  भोजनालय, रेस्तरां में सबसे ज्यादा उपयोग में लाया जाने वाला उपकरण मिक्सर ही है. मिक्सर के बिना आज के दौर में होटल में भोजन तैयार करना अत्यंत कष्टकारी कार्य है.
मिक्सर बिजली से चलने वाला एक इलेक्ट्रिक उपकरण होता है  जिसके निर्माण में अत्यंत सतर्कता बरतनी पड़ती है मिक्सर का अधिकतम उपयोग महिलाएं करती है.  मिक्सर का उत्पाद SI प्रणाली के बात किया जाता है और इसकी मंजूरी लेनी पड़ती है.
बाजार में अनेकों कंपनियां है जो मिक्सर सप्लाई करती है उनकी बनावट एक जैसा ही है लेकिन कीमती अलग-अलग होती है ब्रांड के अनुसार.
अगर आप को इस उद्योग में आगे तक जाना है तो अच्छी गुणवत्ता वाली मिक्सर मशीनों का निर्माण कराएं.
मिक्सर प्यार करने के लिए प्लास्टिक की बाड़ी,  इलेक्ट्रिक मोटर, ब्लेड्स, अलग-अलग भाग लगते हैं.


रा मटेरियल


मिक्सर निर्माण उद्योग के लिए आराम मटेरियल से प्लास्टिक की मिक्सर बाड़ी,  एनिमल वायर, माइल्ड स्टील, ब्लेड, कार्बन computentor , स्टंपिंग सिलिकॉन सिट आज की जरूरत होती है.



मशीनरी

इस उद्योग को शुद्ध करने के लिए मशीनरी में  लेथ मशीन, ग्राइंडर, फील्ड वाइंडिंग मशीन, आर्मेचर वाइंडिंग मशीन,     आदि की जरूरत होती है/,



इस उद्योग को शुरू करने के लिए 5000 स्क्वायर फीट जगह की जरूरत होती है जिसमें 3000 स्क्वायर फीट में इमारत होनी चाहिए अगर मनुष्य बल की बात करें तो कुल 25 मनुष्य बल की जरूरत होती है उसमें 15 मनुष्य बल कुशल कारीगर होने चाहिए.
इस व्यवसाय में मशीनरी पर खर्च करीब 1500000 रुपए तक का होता है तथा मासिक कच्चा माल ₹300000 तक का आता है इस प्रकार वार्षिक कच्चा माल ₹3600000 के लगेंगे जिसमें बनी सामग्री 9900000 रूपय में बिकेगी.
इस व्यवसाय में कुल वार्षिक खर्चा 7700000 रुपए का है इसमें कच्चा माल और मनुष्य बल का वेतन आदि संलग्न है.  इस व्यवसाय में वार्षिक 2200000 रुपए तक आसानी से फायदा कमा सकते हैं.

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आयुर्वेदिक केश तेल उद्योग Ayurvedic Hair oil business at low investment

केश तेल आजकल के जीवनशैली में बालों की उचित देखभाल करने की सबसे जरूरतमंद चीज है जिसका उपयोग हर एक घर में बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक करते हैं और प्राचीन काल से करते आ रहे हैं.
बालों को सफेद होने से बचाने के लिए तथा बालों में जू और जीव जंतु ना हो इसलिए आयुर्वेदिक तेल का उपयोग बहुतायत मात्रा में प्राचीन काल से होता रहा है.
नारियल का तेल सरसों का शुद्ध तेल मूंगफली का तेल इत्यादि में सुगंधित द्रव्य को मिलाकर आयुर्वेदिक केश तेल तैयार किया जाता है.
बढ़ते प्रदूषण की वजह से लोगों में बालों के झड़ने की अनेकों बीमारियां है इसे रोकने के लिए आंवला भृंगराज माका आदि आयुर्वेदिक वनस्पतियों के रस का मिश्रण तैयार करके आयुर्वेदिक तेल बनाया जाता है तथा ऐसे अनेकों उत्पाद वर्तमान समय में बाजार में उपलब्ध है.

आयुर्वेदिक केश तैयार करना बहुत ही आसान है इसे आप कम दिनों की ट्रेनिंग लेकर आसानी से घर पर ही शुरु कर सकते हैं.

रा मटेरियल्स

इस उद्योग को शुरू करने के लिए राम मटेरियल में सरसों का तेल तिल का तेल नारियल का तेल मूंगफली का तेल आंवला कारस भृंगराज फूलों की सुगंधित द्रव्य आदि उपयोग में लाए जाते हैं.

मशीनरी

इस उद्योग में बहुत कम मशीनें लगती है प्रमुख रुप से मिक्सर फिल्टर मशीनरी का सेट पैकिंग मशीन आदि लगेगी.

इस उद्योग को शुरू करने के लिए 2000 स्क्वायर फीट जमीन की जरूरत होती है जिसमें 1000 स्क्वायर फीट की इमारत होनी चाहिए इस उद्योग को कम से कम मनुष्य बनने शुरू कर सकते हैं इसमें दो कुशल और चार और कुशल मनुष्य बल पर्याप्त है.
इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए यंत्र सामग्री ₹500000 तक की आएगी अगर कच्चे माल की बात करें तो मासिक ₹150000 का कच्चा माल लगेगा.

इस उद्योग को शुरू करने में बैंकों से 65% कार्य मिलता है तथा आप को 35% खुद लगाना होगा.

इस उद्योग में वार्षिक 1800000 रुपए का कच्चा माल लगेगा जिससे कि 37 लाख रुपए तक की वार्षिक बिक्री होगी.
कुल वार्षिक खर्च 2800000 रुपए का आएगा जिसमें मनुष्य बल कच्चा माल और अन्य व्यय भी शामिल है इस प्रकार आप इस उद्योग से ₹ 9 लाख रुपए तक वार्षिक कमा सकते हैं.

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कौन सा व्यवसाय ? Which Business ?

व्यवसाय में प्रमुख रूप से आधुनिक उद्योग सेवा उद्योग लघु उद्योग गृहोपयोगी उद्योग अन्न प्रक्रिया उद्योग खेती से संबंधित उद्योग आदि है.
व्यवसाय का चयन करते समय हम जहां पर रहते हैं वहां की पारिवारिक पार्श्वभूमी बौद्धिक क्षमता मेहनत करने की तैयारी आर्थिक क्षमता नफे-नुकसान को सहने की मानसिक तैयारी व्यवसाय के लिए आपके आसपास का वातावरण विकास की दृष्टि से भगवान की दृष्टि से उचित है क्या यह सब सोच समझकर विचार करके व्यवसाय का चयन करना चाहिए.
व्यवसाय शुरू करते समय सबसे महत्वपूर्ण और दीर्घकालीन परिणाम करने वाला निर्णय मतलब व्यवसाय का चयन व्यवसाय की शुरुआत करते वक्त के सिद्धांत की सामग्री संसाधन की जरूरत होती है वैसे ही कच्चे सामानों की भी जरूरत होती है.

उत्पादित व्यवसाय शुरू करना हो तो जो पालन शुरू करना है उसके लिए लगने वाले कच्चे सामग्री अपने पास उपलब्ध है या नहीं यह देखना है अगर नहीं है तो जहां उत्पादन शुरू करना है वहां से कितनी दूरी पर कच्ची सामग्री उपलब्ध है इसका आकलन करना है तथा वहां से उत्पादन लेने वाली जगह तक वह सामग्री लाने के लिए ट्रांसपोर्टेशन में कितना खर्चा होता है वह खर्चा हमारे लिए उचित होगा या नहीं क्या वह खर्च करके हम उत्पादित सामान की कीमत अन्य प्रकार के उत्पादों से कंपटीशन करते वक्त हमें तालमेल रखना संभव है या नहीं इन सब पर ध्यान देना होगा.
हमें नया व्यवसाय शुरू करते वक्त कुछ जरूरी बातों पर ध्यान देना होगा व्यवसायों में से हम एक कर सकने वाले सफलता की निश्चित गारंटी देने वाले किसी भी एक विभाग का सिर्फ एक ही व्यवसाय चुने.
हमें जब भी व्यवसाय शुरू करना हो हमें उस समय सिर्फ एक ही विकल्प चुनना होगा और उस पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित करना होगा जिससे कि हम उसमें आगे बढ़ सके और यह हमारे व्यवसाय के लिए भी जरूरी होगा.
व्यवसाय में

1. आधुनिक उद्योग
2. गृहोपयोगी उद्योग
3. खेतीबाड़ी से संबंधित उद्योग
4. लघु उद्योग
5. सेवा उद्योग तथा
6. अन्न प्रक्रिया उद्योग है
इन सभी उद्योग में अनेकों प्रकार के व्यवसाय आते हैं इनमें से एक ही विकल्प चुनकर अपना व्यवसाय शुरू करना चाहिए.

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व्यवसाय या नौकरी Business Or Job ?

 आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर इंसान भौतिक सुख के पीछे लिखे हुए जमाने में अधिकतर लोग नौकरी को प्रधानता देते हैं लेकिन हम व्यवसाय करें या नौकरी इसके बारे में हमारे मन में जो संकल्प है उस संकल्प कि एक बार ही सही लेकिन जांच करनी चाहिए.
नौकरी में सामान्यतः 8 घंटे का काम होता है और प्रति महीना एक दीक्षित वेतन मिलता है इसमें नफे नुकसान की जिम्मेदारी नहीं रहती है. इसमें हमें कंपनी के नकली नुकसान से कुछ भी लेना देना नहीं होता है 8 घंटे ड्यूटी करने पर अपना काम पूरा हो जाता है जिससे कि महीने में एक निश्चित वेतन मिलता है और उस मिलने वाले वेतन से पारिवारिक खर्च पूरा होता है.
शायद इसीलिए आजकल की युवा व्यवसाय से ज्यादा नौकरी को प्रधानता दे रहे हैं हर कोई सोचता है कि जब नौकरी से हमारा जीवन अच्छी तरह चल रहा है तो फिर उद्योग व्यवसाय में जाकर धोखा क्यों खाएं यही भावना आजकल के युवाओं में है.

बच्ची से पढ़ाई करते हैं तो अधिकतर अभिभावक अपने बच्चों को बचपन से ही सिखाते हैं कि उनसे पूछते हैं कि उन्हें बड़ा होकर क्या बनना है कौन सी नौकरी करनी है यही सोच समझकर अभिभावक अपने बच्चे को शिक्षा भी देते हैं उस क्षेत्र से संबंधित.
अधिकतर अभिभावक अपने इच्छाओं आकांक्षाओं को अपने बच्चों पर लगते हैं वह यह जानने की कोशिश नहीं करते कि उनकी रुचि क्या है उनकी क्षमता क्या है वह क्या करना चाहते हैं उन्हें क्या करना संभव है ?
उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद सबको अच्छी तनख्वाह वाली नौकरी चाहिए होती है लेकिन इसमें कुछ ही लोग होते हैं जो जिस क्षेत्र की शिक्षा ले उसी क्षेत्र में प्रगति विकास करने की दृष्टि से नया कुछ तो करने के लक्ष्य से उस क्षेत्र में अनुसंधान अध्ययन कर के नए प्रयोग करना चाहते हैं और इस बात के लिए अभिभावकों का संभवता विरोध रहता है नौकरी को आज सामाजिक प्रतिष्ठा मिल चुकी है.
भावुक अपने बच्चों को यह उदाहरण देते हैं कि उनका बच्चा यह नौकरी करता है इतना वेतन पाता है.
लेकिन ऐसे उदाहरण देते वक्त हम धीरूभाई अंबानी किर्लोस्कर बजाज रतन टाटा बिरला लक्ष्मी निवास मित्तल जैसे उद्योगपतियों ने किस तरह उन्नति की उनके उदाहरण देना भूल जाते हैं उन्होंने कैसे खुद के विकास के साथ-साथ देश के विकास में अतुलनीय योगदान दिया उसे भी आजकल के युवाओं के सामने रखे जाने चाहिए जो कि सामान्य तौर पर रखा नहीं जाता.
हमें नौकरी या व्यवसाय में प्रवेश करने से पहले हमें इसका दृढ़ संकल्प करना चाहिए कि हम नौकरी करें या फिर व्यवसाय.
नौकरी करें या व्यवसाय इसका फैसला करें और फैसला होते ही तैयारी में लग जाए क्योंकि फैसला ना करना भी असफलता की एक निशानी है अपने आलस्य त्याग दें अपने समय का सदुपयोग करें अपने काम में लगे.
यदि आपने यह निर्णय लिया कि आपको व्यवसाय करना है तो कौन सा व्यवसाय करें इस का चयन करें क्योंकि जो व्यवसाय करेंगे उसकी सफलता और सफलता आपके करियर से संबंधित होने के कारण उसमें आपका कार्य हो जाएगा और आपको जो संभव है ऐसा व्यवसाय का चयन करें.

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CFL Bulb, Tube & Choks Business सीएफएल बल्ब, ट्यूब और चोक्स उद्योग

वर्तमान समय में सीएफएल बल्ब क्यूट और जोक्स हर एक घर की जरूरत बन गई है. पुराने समय में मिट्टी के तेल के दीए प्रकाश के लिए इस्तेमाल किए जाते थे लेकिन आजकल हर घर में बिजली तथा अनेकों विद्युत उपकरणों का उपयोग किया जाता है. आजकल बिजली सिर्फ प्रकाश के लिए ही नहीं उपयोग होता है बिजली से चलने वाली अनेकों उपकरण है.
बिजली मानव जीवन की एक जरूरत बन गई है इसके बिना दैनिक जीवन के बहुत से काम हम नहीं कर सकते.
21वी सदी में भी देश के अधिकतर हिस्से रात में अंधेरे में डूबे रहते हैं आज भी ग्रामीण भागों में पर्याप्त बिजली नहीं मिलती.
रात के अंधेरे को दूर करने के लिए तथा बिजली की बचत करने के लिए सीएफएल बल्ब और दीव का निर्माण हुआ.
कुछ वर्ष पहले हम जो बल्ब यूज़ करते थे उनमें बिजली की खपत ज्यादा होती थी जो कि  100 वाट, 60 वाट तथा 40 वाट के होते थे जिसके कारण बिजली के बिल ज्यादा आते थे तथा बिजली की खपत बहुत ही ज्यादा होती थी.
सीएफएल बल्ब के आने से बिजली की खपत कम हो गई तथा दूसरा लाबिया हुआ कि सीएफएल बल्ब जल्दी खराब नहीं होते तथा इसका उत्पादन करने वाली कंपनियां गारंटी भी देती है.
श्रीफल की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें कम वाट के सीएफएल भी ज़्यादा प्रकाश देते हैं तथा बिजली का भरपूर बचत करते हैं.
शायद यही वजह है कि आजकल सीएफएल बल्ब ट्यूब और सौंफ का उत्पादन बड़े मात्रा में किया जा रहा है तथा बाजार में इसकी ज्यादा मांग है.

सीएफएल बल्ब और ट्यूब हर घर की जरूरत है इसलिए इसकी मार्केट के लिए ज्यादा मेहनत करनी नहीं पड़ती है.
इसको हम इलेक्ट्रिक की दुकानें माल डिपार्टमेंट स्टोर्स तथा होलसेल व्यापारी को भी बेच सकते हैं

मशीनरी

सीएफएल बल्ब उद्योग के लिए हैंड hp मोटर हैंडप्रेस , 4 क्वाइल वाइंडिंग मशीन तथा डाइज आज की जरूरत होती है

कच्चा माल

सीएफएल तथा ट्यूब उद्योग के लिए मुख्य रूप से आयरन, सोल्डर पेस्ट कटर  पीसीबी बोर्ड वेल्डिंग वायर PVC होल्डर सीमेंट चिपको टेस्टिंग बोर्ड कंप्लीट टूलकिट कॉपर वायर एलुमिनियम वायर रिल स्टैंड तथा स्लीव एल्मुनियम कप की जरूरत होती है

इस कार्य को करने के लिए 400 स्क्वायर फीट जगह की जरूरत होती है तथा एक कुशल और एक अकुशल मनुष्य बल की जरूरत होती है
मशीन पर ₹45000 खर्च करने होंगे तथा कच्चे माल पर ₹300000 खर्च करने होंगे. इस व्यवसाय को शुरू करने पर आपको कुल लागत का 35% खुद लगाने होंगे तथा इस पर आप 65% बैंक से कर्ज ले सकते हैं. इस व्यवसाय को करके आप प्रतिवर्ष ₹300000 तक कमा सकते हैं.

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Mineral Water, Drinking Water Business मिनरल वाटर/ ड्रिंकिंग वाटर उद्योग

कहा जाता है कि जल ही जीवन है तथा जल के बिना मनुष्य रह ही नहीं सकता जब भी हम घर से बाहर निकलते हैं तो रास्ते में कहीं न कहीं हम पानी की बोतल खरीद लेते हैं या फिर किसी न किसी कारणवश हमें पानी की बोतल खरीदनी पड़ती.
जब भी हम सफर कर रहे होते हैं तो रेलवे स्टेशन बस स्टेशन आदि जगहों पर जब भी हमें प्यास लगती है तो हम पानी की बोतल खरीद लेते हैं जोकि बाजार में 15 से ₹20 में मिलती है.
जैसे ऐसे समाज का आधुनिकीकरण हो रहा है लोगों की सुविधा के अनुसार उन्हें सामग्री मुहैया कराई जा रही है शायद यही सोच कर बिसलरी बनाने वाली कंपनी का भी निर्माण हुआ लेकिन उस वक्त उनके व्यवसाइयों ने उन्हें मुर्ख बताया था.
शुद्ध जल टीना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है अधिकतर बीमारियां दूषित जल के कारण ही हो रही है आज लोगों को जल कि शुद्धता और स्वच्छता की जरूरत समझ में आ गई है.
इसीलिए मिनरल वाटर व्यवसाय आजकल सबसे ज्यादा चलन में है.
शुद्ध जल के लिए ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड बी आई एस ने एक स्टैंडर्ड तैयार किया है जिसके अनुसार ही व्यापारी पानी का उत्पादन करता है. पेंट ड्रिंकिंग वाटर में मानव शरीर को हानि पहुंचाने वाले सभी प्रकार के क्षार कम किए जाते हैं.
इसके लिए सामान्यता जमीन के अंदर के पानी का ही उपयोग किया जाता है जिन्हें प्लास्टिक के बोतलों में पैक किया जाता है लेकिन यह पानी बोतल में पैक होने के दौरान कई प्रक्रियाओं से गुजरती है जैसे कि फिल्ट्रेशन और दिस इन्फेक्शन प्रक्रिया है.

मशीनरी

इस व्यवसाय के लिए RO मतलब रिवर्स ऑस्मोसिस मशीन, कार्बन फिल्टर, सॉफ्टनर, पैकिंग करने वाली मशीन तथा सेंड फिल्टर और बोर में से पानी निकालने वाली समर्सिबल पंप और पानी के मोटर की जरूरत होती है.

रा मटेरियल

रा मटेरियल में प्रमुख रुप से पानी और प्लास्टिक की बोतलें स्टीकर्स और कैन की जरूरत होती है.

इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए 4000 स्क्वायर फीट जगह की जरूरत होती है तथा चार कुशल और चार अर्ध कुशल के अलावा 10 और कुशल मनुष्य बल की जरूरत पड़ती है.
अगर मशीन की बात करें तो मशीन की कीमत 4500000 रुपए है कच्चे माल पर 1500000 रुपए  का खर्च है.
इसमें भी 35% खुद खर्च करने होंगे तथा 65% बैंक से कर्ज मिल सकता है.
इस व्यवसाय में कुल वार्षिक खर्च 4643000 रुपए के होंगे तथा वार्षिक बिक्री 6463000 देंगे.
जिसमें वार्षिक फायदा 1820000 रुपए है

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PHED भर्ती 2018 : 38 पदों के लिए निकली भर्तियां ऐसे करें अप्लाई PHED recruitment 2018: Vacancies for 38 posts such as do apply

पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने अपने यहां टेक्नीशियन के पद पर 38 भर्तियां निकाली है. उम्मीदवार इस पद के लिए डाक के माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं
आवेदन करने की अंतिम तारीख 20 फरवरी 2018 बताया गया है.
फार्म को डाउनलोड करने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें phed.cg.gov.in दिए गए लिंक पर क्लिक करके आप आवेदन फार्म डाउनलोड कर सकते हैं

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PHED recruitment 2018: Vacancies for 38 posts such as do apply

योग्यता : इस पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की योग्यता किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट होनी चाहिए.

आयु सीमा : सरकार द्वारा तय नियमों के अनुसार सभी वर्ग के उम्मीदवार को आवेदन करना होगा

चयन प्रक्रिया: पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के टेक्नीशियन पद के लिए उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के दौर से गुजरना होगा.