आर्थिक अपराधियों पर भारत का वैश्विक दृष्टिकोण India’s global approach to economic criminals

India’s global approach to economic criminals

21वीं सदी में भारत तेजी से उभरता हुआ एक महाशक्ति है जिसके सामने आर्थिक अपराध बीते कुछ वर्षों में एक चुनौती का रूप ले लिया है
भारत की नहीं अपितु दुनिया के कई देशों के सामने आर्थिक अपराध एक बड़ी चुनौती है इसमें राष्ट्रीय मतभेद के कारण इस समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है
दुनिया भर की कई देश इस समस्या से पीड़ित है लेकिन इस समस्या से भारत और दुनिया के सभी देशों को निजात दिलाने के लिए भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कई एजेंडे प्रस्तुत किए और सहयोगी देशों के साथ कई बैठकें भी की.
भारत सरकार ने आर्थिक अपराध से निपटने के लिए जी 20 शिखर सम्मेलन में दुनिया के कई देशों के सामने इस समस्या का समाधान प्रस्तुत किया, भारत सरकार ने आर्थिक अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की अपील की इसमें भारत सरकार को सफलता भी मिली. 
भारत ने इस अंतरराष्ट्रीय समस्या से निपटने के लिए एक योजना जी-20 देशों के बीच प्रस्तुति जिसमें प्रभावी और सक्रिय सहयोग प्रक्रिया के लिए प्रावधान और अपराधियों के जल्द प्रत्यर्पण के लिए सहयोग की उम्मीद की.
भारत सरकार ने साफ किया कि आर्थिक अपराधियों के लिए कैसा ढांचा तंत्र बनना चाहिए इसमें ऐसे अपराधियों को दूसरे देशों में जाने से रोका जा सके और दुनिया का कोई देश आर्थिक अपराधियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह ना बने.

India’s global approach to economic criminals
भारत सरकार ने यह इच्छा जताई कि अंतरराष्ट्रीय फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स के जरिए एक ऐसी प्रणाली बने जिसमें वित्तीय खुफिया जानकारियों का सही समय पर एक दूसरे देशों के साथ आदान-प्रदान हो और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के संबंध में संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांत प्रभावी तरीके से लागू हो.
दुनिया भर के कई सम्मेलनों में भारत सरकार ने आर्थिक अपराध पर अपना रवैया साफ कर दिया तथा आर्थिक अपराधियों के प्रत्यर्पण तथा उनकी पहचान के लिए FATF को आर्थिक अपराधियों की परिभाषा चेक करने की जिम्मेदारी तथा उनके खिलाफ कार्यवाही करने के लिए एक मानक बनाने पर जोर दिया.
अनेको वैश्विक सम्मेलनों में भारत सरकार ने सफल प्रत्यर्पण मामले के अनुभव एक दूसरे देशों के साथ साझा करने पर और जोर दिया.
भारत में आर्थिक अपराधियों पर अपनी मंशा दुनिया भर के सभी सम्मेलनों में मित्र देशों के साथ साझा किया और इससे निपटने के लिए एक साथ आने का आग्रह किया।
आर्थिक अपराधियों की दुनिया भर में संपत्तियों का पता लगाने के लिए भारत सरकार ने दुनिया भर के देशों को सुझाव दिया 
जिससे कि अपराधियों से बकाया वसूली किया जा सके
इसी के संदर्भ में भारत सरकार ने एक नया विधेयक लोकसभा में पास किया.
जिसका उद्देश्य आर्थिक अपराधी घोषित होने के बाद न्यायालय द्वारा व्यक्ति की भारत और भारत के बाहर संपत्ति को जप्त करने का प्रावधान है और अगर व्यक्ति भारत वापस आने से इंकार करता है तो उसकी संपत्ति और अपराध से अर्जित संसाधनों की कुर्की की जा सकती है.
यह विधेयक लाने का मकसद आर्थिक अपराधियों को यह संदेश देना है कि सरकार आर्थिक अपराध पर बेहद
सख्त है और अपराधियों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा चाहे वह दुनिया के किसी भी देश में छिपे रहे.
भारत सरकार ने ऐसे कई कड़े कदम आर्थिक अपराध पर अंकुश लगाने के लिए उठाएं है

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